यह पुस्तक सबसे अधिक सुविचारित विस्तृत इंटेंसिव एवं दुर्लभ ऐतिहासिक-राजनैतिक पुस्तक है जो उनके जीवन विचारधारा कार्यप्रणाली सूझबूझ वीरता उन्मत्त देशप्रेम को रेखांकित करती है और उनके क्रान्ति- दर्शन को परिभाषित करती है। वहीं स्वतंत्रता आन्दोलन की दूसरी धारा के नेताओं के भगत सिंह के बारे में विचार गाँधी जी की विवशता और अंग्रेजों की चालाकी और दोहरेपन पर भी दृष्टिपात करती है।