सरहद पार के साहित्य के प्रति आकर्षित होना किसी भी सह्रदय पाठक के लिए सहज बात है.लेकिन यह आकर्षण तब और अधिक बढ़ जाता है जब वे विश्व कथा साहित्य के ऐसे महान कथाकार हों जिन्होंने अपनी गहरी अंतर्दृष्टि और कलात्मक सूझबूझ से विश्व कथा परिदृश्य को प्रतिष्ठित करने में महत्त्वपूर्ण योगदान किया हो.इस संग्रह में आठ कथाकार ऐसे हैं जिन्हें नोबेल पुरस्कार से नवाज़ा गया है और बाकी कथाकारों का भी महत्त्व विश्व साहित्य में अनुपम है.इनमें कोई कथाकार रूस का है तो कोई जर्मनी या जापान काकोई ब्रिटेन का है तो कोई कनाडा या आयरलैंड का लेकिन ये सभी कथाकार अपने समय और समाज को पूरी प्रामाणिकता के साथ अपनी रचनाओं में व्यक्त करते हैं.कवि-कथाकार विनोद दास की इन अनूदित कहानियों को पढ़ते हुए लगता है कि हम रचना को मूल भाषा में पढ़ रहे हैं.इस संकलन को पढ़ना विश्व कथा साहित्य से परिचित होना भर नहीं है बल्कि अपनी संवेदना और अनुभव के क्षितिज को विस्तृत करना भी है.