सुप्रसिद्ध उपन्यासकार शैलेश मटियानी का यह उपन्यास सर्पगंधा आज के भारतीय परिवेश का जीवन्त चित्रण है। जाति प्रथा के बंधनों को तोड़ना जितना सहज है उसके नतीजे को भुगतना उतना ही कठिन है। सहजता और रोचकता के कारण सर्पगंधा पाठकीय दृष्टिकोण से एक सफल उपन्यास है।.