अपनी पसंद को लेखनी बनाने वाले मुकेश सिंह असम के सिलापथार में बसे हुए हैं। आपका जन्म सन् 1988 में पूवोत्तर भारत के असम राज्य के एक छोटे से शहर सिलापथार में हुआ है। शिक्षारू डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय से स्नातक (राजनीति विज्ञान) तथा इग्नू से स्नातकोत्तर (हिन्दी) है। समसामयिक विषयों पर कलम चलाने वाले युवा कवि एवं लेखक मुकेश सिंह द्वारा रचित तकरीबन सौ से अधिक कविताएं तथा देश एवं समाज के विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर लिखे अनेकों लेख विभिन्न राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं। इनके तीन ई-बुक्स भी डिजिटल प्रकाशनों में मॉस्ट रीड बुक्स की श्रेणी में चयनित हुए हैं। मुकेश अहिन्दीभाषी प्रदेश में रहकर भी हिन्दी की सेवा के व्रत के साथ साहित्य की कठोर साधना में जुटे हुए हैं। अपनी पहली प्रकाशित काव्य संग्रह श्शब्दों की धारश् के सफल प्रकाशन के बाद हिन्दी माँ के सतत् सेवा में मुकेश सिंह एक बार पुणरू हाजिर हैं श्सर्वाधिक सहज-सरल व्याकरणष्के साथ ।