सत्य गुरमेश सिंह विर्दी बहुत मुश्किल है सत्य को बया करना पर मेरे ख्याल से अगर आप बीती और जग बीती बातो को हु ब हु शब्दों में पिरोया जाय और वो भी बोल चाल वाली भाषा में तो शायद ये मुमकिन सा लगे. मेरी इन कविताओ को मेने उन्ही बातो को हु ब हु शब्दों में पिरोने का प्रयास किया है बस .....