हिंदू धर्म के अनुसार सतयुग को सत्य धर्म और शांति का युग कहा जाता है। यह चार युगों (सतयुग त्रेतायुग द्वापरयुग और कलियुग) में से पहला और सबसे पवित्र युग है। इस युग में भगवान नारायण और अन्य देवताओं ने विभिन्न रूपों में अवतार लेकर धर्म की स्थापना और रक्षा की। इस ग्रंथ में हम सतयुग की दिव्यता महान ऋषि-मुनियों और भगवान के अवतारों की अद्भुत लीलाओं का वर्णन करेंगे।