''सौदा चार बीसी का'' असीम अखंडित प्रेम की कहानी पति - पत्नी के बीच की। हिमांशु जी जीवन में प्रेम को विशेष महत्त्व देते हैं वह भी वियोग पक्ष को। यह विरह पक्ष था । ऐसे ही विछोह के किनारे लगती हुई स्थिति जिसका बड़ा रूप देखें तो उनके उपन्यास ''तुम्हारे लिए'' में मिलेगा।<br>- मैत्रेयी पुष्पा<br>वरिष्ठ कथाकार