This book is a collection of Patriotic motivational and philosophical poems with suitable examples and short stories. सौ रातें मैंने जागी हैतब जाकर जीवन भान किया।पहले आया विष का प्यालातब जाकर अमृत पान किया।घड़ियों की टिक-टिक तानों नेआहों को अलग-सा राग दिया।धड़कन की बढ़ती हुई गति ने तनिक नहीं आराम दिया।सन्नाटों से भरी हुई महफिल मेंमैंने अश्रु स्नान किया।पहले आया विष का प्यालातब जाकर अमृत पान किया।मखमल की बिछी हुई बिस्तर परकरवटें बदलना भारी था।कभी उठना था कभी बैठना थापर पैर पटकना जारी था।उस काली अंधेरी रातों मेंमैंने नर्क पहचान किया।पहले आया विष का प्यालातब जाकर अमृत पान किया।