'सवा हाथ ज़िंदगी' एक ग़ज़ल संग्रह है जिसमें आप हर तरह की ग़ज़ल हर तरह के भावों और विचारों को छूती हुई ग़ज़ल पढ़ सकेंगे। प्यार इश्क़ मुहब्बत के अलावा इसमें आपको बेकारी बेज़ारी बेरोजगारी भूख गरीबी दुख-दर्द गुस्सा नाराज़गी बेबसी सब कुछ मिलेगा। इस किताब में हर तरह के पढ़ने वाले के लिये ग़ज़ल है। जब आप पढ़ेंगे तो आपको अपने अनुसार हर एक शेर हर एक ग़ज़ल कमाल लगेगी। नकुल कुमार की लेखनी इतनी पैनी है कि कब आपके किस दर्द को जगा दे कोई गारंटी नहीं है। ...तो पढ़ते रहिये 'सवा हाथ ज़िंदगी'।