सवेरा एक संयुक्त परिवार की कहानी है। एक आम इन्सान की ज़िन्दगी में क्या क्या घटनाएं घटती हैं जो उसे ख़ास बना देती हैं उसपर आधारित है। नूर एक बच्ची है जो जन्म लेते ही अनाथ हो गई। माँ से बिछड़ गई बाप ने दूसरी शादी कर ली। उसको दादा दादी और फुफ्फी ने पाला। बड़ी होने पर लोगों की नफ़रत का शिकार हुई। लेकिन समय हमेशा एक सा नहीं रहता। हर रात के बाद सवेरा होता है और ये सवेरा बहुत प्यारा होता है। कुछ ऐसी ही सुबह ताहिर और नूर की जिंदगी में आई जिसमें हर तरफ ख़ुशियां ही ख़ुशियां थीं।