मुझे पक्का यकीं है कि आप सभी को भी कभी न कभी वो हैरानी हुई होगी जो मुझे इस वक़्त महसूस हो रही है। जब यूँ लगता है कि क्या कभी ऐसा मैंने सोचा था जो मैं अब कर रही हूँ? इन हैरानी भरे लम्हों से एक बात तो तय हो गयी कि हमारी ज़िन्दगी का सफ़र कुछ ज़्यादा हमारे हाथ में नहीं है हमें बेशक़ ऐसा लगता है कि हम सब कर रहे हैं पर कहीं है कोई जिसके हाथ में हम सबकी डोर है और जो हमको तरह-तरह के रास्तों और मंज़रों से मिलवाता है और हम अक़्सर वो कर जाते हैं जिसपर हमें ख़ुद हैरानी होती है। ये मेरा मानना है जो अब कुछ अजीबोग़रीब अनुभवों के बाद और पक्के विश्वास में तब्दील हो चला है और दिनोदिन बढ़ता जा रहा है।