सेवासदन में नारी जीवन की समस्याओं के साथ-साथ समाज के धर्माचार्यों मठाधीशों धनपतियों सुधारकों के आडंबर दंभ ढोंग पाखंड चरित्रहीनता दहेज-प्रथा बेमेल विवाह पुलिस की घूसखोरी वेश्यागमन मनुष्य के दोहरे चरित्र साम्प्रदायिक द्वेष आदि सामाजिक विकृतियों का विवरण मिलता है.