श्रद्धा व्यास एक मंझी हुई लेखिका कवियत्री है। उनकी कलम भावनाओं के इर्द-गिर्द घूमती हैं। ग्यारह नवालिकाएं तथा चार काव्य संग्रह उनकी पेशकश है।<br>विचारों के तारों को वे खूबसूरती से बुनती हैं और जीवन रूपी धनक के हर रंग को अपनी रचनाओं में उजागर करती हैं।<br>उनकी अलंकृत भाषा एक शृंगार रस का पान करवाती हैं। शिक्षण क्षेत्र से जुड़े उनके परिवार में सरस्वती मां की मीठी छाया है। संवेदनशीलता से सराबोर उनकी शख्सियत में रचनात्मकता का एक अद्भुत तत्व है। अपने जीवन को हर पहलू से वे प्रेक्षित करती हैं। MBA की पढ़ाई पूर्ण करके उन्होंने पत्रकारिता से भी नाता जोड़ा। वडोदा वासी तथा एक गुजराती ब्राह्मण परिवार में जन्म लेकर उन्होंने अपना कर्म सिद्ध किया। आदर्शिका पब्लिकेशंस की फाउंडर तथा प्रबंध निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। उनकी प्रस्तुत रचना शब्दमला एक साहित्य भंडार से कम नहीं। उनको हर पायदान पर सफलता की शुभकामनाएं।