सरोजिनी जी का जन्म 19 नवम्बर 1951 को उत्तर प्रदेष के एक छोटे से गाँव प्रतापगढ़ में हुआ। बचपन मे ही परिवार इलाहाबाद स्थानांतरित हो गया था इसलिए पूरी शिक्षा इलाहाबाद में ही सम्पन्न हुई। 1972 में आपने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में एम.ए. किया। पढ़ाई का एक वर्ष शेष था शादी हो गई। अतः एक वर्ष उपरान्त पति के साथ मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में आ गई। लेखन कार्य में रूचि थी अतः खाली समय में छोटी-छोटी कवितायें लिखना प्रारंभ किया। कुछ कवितायें प्रसिद्ध समाचार-पत्र दैनिक भास्कर में छपने लगीं। 1989 में आपने नवयुग कॉलेज जबलपुर से बी.एड. किया तथा 2002 में जबलपुर विश्ववि़द्यालय से हिंदी में एम.ए. किया। शादी के बीस वर्ष उपरान्त शिक्षण कार्य प्रारंभ किया। जॉय सीनियर सेकेण्डरी स्कूल में हिंदी और संस्कृत की शिक्षिका के रूप में सेवा की। 2015 में आप सेवानिवृत्त हो गई। कोरोना काल में आर्ट ऑफ लिविंग संस्था से जुड़ी हैं। आजकल ऑनलाइन कवि सम्मेलन काव्य-कला-मंच एवं टी.एन.बी. न्यू इण्डिया के कार्यक्रमों में भाग लेती हैं। यह उनका पहला काव्य संग्रह है जिसमें उन्होनें विभिन्न विषयों पर विषेश अवसरों के लिए लिखी गई कविताओं को एकत्रित किया है। कुछ कवितायें उनकी स्वयं की भावनाओं पर आधारित हैं।