अजय एक प्रसिद्ध उपन्यासकार था उसके पास सारी सुविधाएं थी फिर भी उसके अंदर एक दर्द था एक तड़प थी और वह अपने गम भूलने के लिए शराब पीता था। लोग उसे शराबी कहकर गालियां देते थे पर उसके दर्द को समझने के लिए कोई भी तैयार नहीं था। दत्त भारती ने उसके दर्द को समझा और उसकी कहानी को उपन्यास में उकेर दिया है। दत्त भारती का यह उपन्यास एक लेखक के जीवन का यथार्थ चित्रण है।