शतरंज के खिलाडी में एक तरफ नवाब वाजिद अली शाह अंग्रेजो द्वारा पकड़े जाते हैं और दूसरी ओर उनके शुभचिंतक मिर्जा सज्जाद अली और मीर रोशन अली खंडहर में बैठे शतरंज खेलते रहते हैं और शतरंजी बादशाह को बचाने की कोशिश करते हैं। आखिर शतरंज के वजीर की रक्षा के लिए एक दूसरे को मौत के घाट उतार देते हैं। यह कहानी उस इंसान की मानसिकता पर तीखा प्रहार है जिसे अपने से ही मतलब है| About the Author प्रेमचंद हिन्दी और उर्दू के महानतम भारतीय लेखकों में से एक हैं। मूल नाम धनपत राय श्रीवास्तव प्रेमचंद को नवाब राय और मुंशी प्रेमचंद के नाम से भी जाना जाता है। वे एक संवेदनशील लेखक सचेत नागरिक कुशल वक्ता तथा सुधी (विद्वान) संपादक थे। प्रेमचंद ने हिन्दी कहानी और उपन्यास की एक ऐसी परंपरा का विकास किया जिसने पूरी सदी के साहित्य का मार्गदर्शन किया|