विश्व विख्यात कवि और चिंतक शेख सादी के उपदेश प्राय: मस्ती और हास्य विनोद के रंग में डूबे हुए होते हैं परंतु ये इतने तीखे और गहरे होते हैं कि गुदगुदाहट के बावजूद दिल और दिमाग को झनझनाकर रख देते हैं। इस पुस्तक में शेख सादी की अमर कृति गुलिस्तां का सरल हिंदी अनुवाद दिया गया है साथ ही उनका प्रेरक जीवन परिचय भी इसमें है।वास्तव में यह पुस्तक अनमोल उपदेशों का ऐसा खजाना है कि इंसान अपनी अच्छाइयों और बुराइयों को ख़ुद जाँच परख सके और अपनी ज़िंदगी के लिए सही रास्तों को चुन सके।