मनुष्य जन्म मिलना अपने आप में श्रेष्ठ है उस पर यदि आपको कोई हुनर मिलता है तो ये और भी अच्छी बात है और अगर उसमें अध्यात्म का जरा भी समावेश हो जाये तो सोने पे सुहागा वाली बात हो जाती है। कुछ ऐसे ही हैं शीतल और शिल्पा। दोनों स्केच बनाती हैं तो साथ ही साथ वे चित्रकारी भी करती हैं दोनों लिखती भी हैं और कहने की ज़रूरत नहीं कि इनकी लेखनी बहुत खूबसूरत है। इनकी लिखावट में एक समानता ये भी है कि दोनों ही अध्यात्म की अहमियत समझती हैं और सर्वशक्तिमान ईश्वर को ये एक ऊर्जा का स्रोत मानती हैं उनकी बहुत सी कवितायें उसी ईश्वर को समर्पित हैं। साथ ही इस किताब में उनकी बेहतरीन लेखनी दूसरे विषयों को भी छूती हैं जिनमें समाजिक दायित्व प्रेम और श्रृंगार भी शामिल है। इतनी कम उम्र में इतने सारे हुनर को संभालना हैरत की बात तो है ही लेकिन इन्होंने ये कारनामा कर दिखाया है और इनके इस हुनर को आप तक पहुँचाने का बीड़ा उठाया है हमने। तो प्रस्तुत है दो हुनरमंद लड़कियों की लेखनी से सजी ये किताब शैली और शिल्प… भावों की मधुर तान इस उम्मीद के साथ कि इसे पढ़ने का ये सफ़र आपका एक अच्छा अनुभव रहेगा।