मोहम्मद इक़बाल उर्दू और फ़ारसी के महान कवि दार्शनिक और चिंतक थे। उनका जन्म 9 नवंबर 1877 को सियालकोट (अब पाकिस्तान में) हुआ था। वे शायर-ए-मशरिक़ (पूर्व का कवि) के नाम से प्रसिद्ध हैं। इक़बाल की रचनाएँ आत्मगौरव आत्मविश्वास और इस्लामी जागरूकता से भरपूर होती हैं। उन्होंने सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा जैसी देशभक्ति से भरी रचना लिखी जो आज भी बेहद लोकप्रिय है। इक़बाल की प्रमुख रचनाओं में बांग-ए-दरा बाल-ए-जिब्रील और अस्रार-ए-ख़ुदी शामिल हैं। वे आत्मा की स्वतंत्रता और ‘ख़ुदी’ (आत्मा की पहचान) के दर्शन को महत्व देते थे। डॉ. इक़बाल ने पाकिस्तान के विचार को सबसे पहले प्रस्तुत किया जिसके कारण उन्हें पाकिस्तान का राष्ट्रीय कवि माना जाता है। उनका निधन 21 अप्रैल 1938 को लाहौर में हुआ। उनकी शायरी आज भी प्रेरणा और चिंतन का स्रोत बनी हुई है।