यह श्रीकृष्णादेश ग्रन्थ भगवद्गीता का हिन्दी काव्य रूप उसी प्रकार से है जैसे कि वाल्मीकि रामायण संस्कृत श्लोकों में है और तुलसीदास जी ने इसी को हिन्दी जैसी ( अवधी) भाषा के दोहे और चौपाइयों के रूप में लिखा है।यह श्रीकृष्णादेश भी श्री रामचरितमानस जैसा ही श्रीमद्भगवद्गीता के सारे 700 संस्कृत श्लोकों को हिन्दी काव्य ( दोहे और चौपाइयों इत्यादि) के रूप में मेरे द्वारा रुपांतरित किया गया बहुत ही क्रांतिकारी प्रयास है जो कि साधारण हिन्दी जानने वालों को भी आसानी से पढ़ने गीता के मर्म को समझने और गीत के रुप में गुनगुनाने तथा आनन्द प्रदान करने में पूर्ण सहायक होगा।