‘जया की ओर से सिद्धि माँ को श्रद्धांजलिस्वरूप लिखी गई यह किताब पाठकों के लिए एक “अनमोल उपहार” से कम नहीं। जया इसके माध्यम से सिद्धि माँ के साथ अपने अनन्य अनुभवों को मनभावन तरह से साझा कर रही हैं जो नीम करोली बाबा की उत्कृष्ट विरासत से अपनी भक्ति की पवित्रता से जुड़ी थीं’- डॉ लैरी ब्रिलिएंटदुनिया भर में ‘महाराज जी’ के नाम से पूजनीय बाबा नीम करोली ने “मानव सेवा ही माधव सेवा है” पर सदा ज़ोर दिया। उनके सरल असीम प्रेम और करुणा ने पूर्व और पश्चिमी जगत से अटूट भक्ति पाई।महाराज जी की आध्यात्मिक विरासत को आगे ले जाने वाली प्रकाश पुंज कैंची आश्रम की उनकी एक शांतमना शिष्या श्री सिद्धि माँ थीं। त्याग और गुरु के प्रति समर्पण की उच्चतम आदर्शस्वरूपा माँ बाबा नीम करोली की शाश्वत शिष्या रहीं। पढ़ें वो कहानी जो किसी की भी अनास्था को आस्था में बदल दे। श्री सिद्धी माँ के इन संस्मरणों में महाराज जी की दिव्यता का सार है।