यह पुस्तक ‘श्री हनुमान चालीसा’ के यथार्थ दर्शन को शास्त्रीय आधार पर दिखाने का एक छोटा सा लेकिन एक सार्थक प्रयास है। ‘श्री हनुमान चालीसा दर्शन’ के इस भाग में श्री हनुमान चालीसा की सरल अर्थ सहित सम्पूर्ण शास्त्रीय व्याख्या की गई है जो भक्तों और जिज्ञासुओं के मन को स्थिरता एवं शांति प्रदान करने में पूर्णतः सक्षम है।
लेखक की ओर से इस पुस्तक में ‘तात्विक *पारलौकिक एवं अन्यान्य आयामों के ज्ञान’ एवं विवरण को इसलिए दूर रखने का प्रयास किया गया है क्योंकि जब आप जैसे सम्माननीय सुधी पाठक इस भाग को आत्मसात कर लेंगे तो अन्य भागों को आत्मसात करने में सुगमता की पूर्णता का समावेश सहज ही हो पाएगा।
‘श्री हनुमान चालीसा’ के अन्य आयाम एवं पहलू इस श्रृंखला के अन्य भागों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित रखे गए हैं ताकि आप बिना किसी संशय के पूर्णता से ग्रहण कर सकें। भाषा को सुमन एवं सर्वग्राह्य रखा गया है। इस भाग की विशेषता यह है कि शास्त्रों के ज्ञान को समायोजित कर आध्यात्मिक स्तर पर पाठक उस ऊँचाई पर पहुँच जाता है जहाँ वह श्री हनुमान जी एवं श्री राम जी की कृपा का पात्र बन जाता है।