‘सोशल काक्टेल’ में लेखक श्री सौरभ द्विवेदी ने कुछ ऐसे ही अनुभवों और अनुभूतियों को शब्द दिया है ग़लत के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने की कोशिश की है और सच को आगे लाने का एक सशक्त प्रयास किया है। यही नहीं उनकी युवा लेखनी से आध्यात्मिक अनुभूतियों को भी सार्थक शब्द मिले हैं।