समाजवादी आंदोलन के प्रखर योद्धा ‘धरतीपुत्र मुलायम सिंह यादव’ की शख़्सियत एक जननायक की रही है। हालाँकि कुछ कड़े फ़ैसलों को लेने के चलते उन्हें राजनीति ने खलनायक भी बनाया लेकिन मुलायम अपने फ़ैसलों को लेकर कभी मुलायम नहीं हुए और न ही कभी विपरीत हालात से समझौता ही किया। इसीलिए किसानों की आवाज़ बन चुके पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने मुलायम को ‘नन्हे नेपोलियन’ का ख़िताब दिया। पिछड़ों दलितों वंचितों के कल्याण लिए लड़ने वाले मुलायम को लोग ‘नेताजी’ के नाम से भी जानते हैं। समाजवाद की सशक्त आवाज़ रहे मुलायम की ज़िंदगी किस क़दर उतार-चढ़ाव से भरी होगी इसकी कल्पना मुश्किल है। फिर भी वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक फ़्रैंक हुज़ूर ने नेताजी की राजनीतिक जीवन-यात्रा को लिखने की बेहतरीन कोशिश की है।