सोना और खून वॉल्यूम-3 आचार्य चतुरसेन द्वारा लिखी गई एक ऐतिहासिक उपन्यास सीरीज़ का तीसरा हिस्सा है। यह पुस्तक उन्हीं महान कथापात्रों की कहानी का जारी रूप है जो राजस्थान के इतिहास के महत्वपूर्ण प्रमुखों में शामिल हैं।Sona Aur Khoon Volume-3 में कथा विस्तार करती है और पाठकों को प्राचीन भारतीय इतिहास के महत्वपूर्ण अध्यायों में ले जाती है। इस किताब में वीरता न्याय वचनबद्धता और समर्पण जैसे मूल्यों को उजागर किया गया है। कथा में गहराई से दिखाए गए इतिहासिक घटनाओं के साथ-साथ पात्रों के व्यक्तित्व विकास को भी बखूबी दर्शाया गया है।आचार्य चतुरसेन की लेखनी उपन्यास के माध्यम से पाठकों को राजस्थान की संस्कृति राजनीति और युद्धों की पृष्ठभूमि का अद्वितीय अनुभव कराती है।