स्पीड ब्रेकर” उपन्यास विजयलक्ष्मी द्वारा लिखा गया पहला उपन्यास है। यह उपन्यास जीवन के उन पहलूओं को दर्शाता है जिनसे हम सभी कहीं ना कहीं जुड़े हुए है। यह कहानी दुनिया की हर तीसरी औरत की वास्तविकता को बयां करते हुए सिखाती है कि एक औरत अपने जीवन रूपी सड़क पर कई कठिनाइयों भरे स्पीड ब्रेकर से गुजरती है। अब ये हमें निर्णय लेना होगा कि उस ब्रेकर को हम किस तरह पार करते हैं और अपनी मंजिल की ओर अग्रसर होकर लक्ष्य प्राप्त करते हैं।