ये काव्य संग्रह मेरे जीवन सरोकारों का जीवंत दस्तावेज है। इसमें सहानुभूति करुणा भक्ति को प्रमुख आधार बनाया गया है। दोहे और अन्य छंदों को रचने की कोशिश मात्र है। शिल्प को इतना महत्व नहीं दिया जितना देना चाहिए किंतु भाव पक्ष में शिथिलता नहीं आने दी है। स्तवन सभी का है पाठकों का सबसे पहले।