स्थापत्यवेद भवन नियोजन तथा निर्माण की विज्ञान-सम्मत कला है। पिछले तीस वर्षों से ज्योतिष और वास्तुशास्त्र के अध्ययन एवं परीक्षण को समर्पित सुधीर पिम्पले आज एक विख्यात नाम है। ज्योतिष और वास्तुशास्त्र एक-दूसरे के पूरक हैं। व्यक्ति के भाग्य का विश्लेषण तमाम तथ्यों के मद्देनजर किया जाना ज़रूरी है ताकि सुख शांति और समृद्धि प्राप्त हो सके। इसी दृष्टिकोण से यह पुस्तक विषय को व्यावहारिक ढंग से वर्तमान प्रचलित आधार पर विश्लेषित करती है। वास्तुशास्त्र का प्राचीन महान ग्रंथ समरांगण सूत्रधार इस प्रस्तुति का मुख्य आधार है पर स्थापत्यवेद में सुधीर पिम्पले के अनुभवों प्रयोगों और अध्ययनों का निचोड़ भी है।
Piracy-free
Assured Quality
Secure Transactions
Delivery Options
Please enter pincode to check delivery time.
*COD & Shipping Charges may apply on certain items.