भारत एक पुनर्विचारसंवाद सहयोग और सहभागिता के आधार पर तैयार शृंखला यह एक प्रयास है जो:- देश की वर्तमान समस्याओं और चुनौतियों के सकारात्मक समाधान को खोजता है- हमारे बुनियादी संवैधानिक मूल्यों पर आधारित है- एक सौ चालीस करोड़ भारतीयों के विकास के साझा लक्ष्य को क्रियान्वित करेचौदह पुस्तकों की शृंखला समृद्ध भारत फ़ाउंडेशन द्वारा चार वरिष्ठ संपादकों - आकाश सिंह राठौर मृदुला मुखर्जी सैयदा हमीद और पुष्पराज देशपांडे - की देख-रेख में तैयार की गई है। भारत के 150 प्रमुख विचारकों के योगदान से संपन्न यह शृंखला वर्तमान सामाजिक आर्थिक और राजनीतिक प्रतिमानों का पुनर्विचार करती है ताकि भारत के संवैधानिक मूल्यांे को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके। प्रत्येक पुस्तक देश के किसी एक ज्वलंत मुद्दे पर केंद्रित है और उसे उस विषय के विशेषज्ञों द्वारा लिखा गया है।''स्त्री समानता का अधिकार: वादों से सशक्तिकरण का सफर'' देश में लैंगिक समानता की वास्तविकता का विश्लेषण संविधान में किए गए न्याय और समानता के वादों के संदर्भ में करती है और ये प्रस्तुत करती है कि सामाजिक आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तन लाने के लिए व्यक्तिगत और सामूहिक नेतृत्व एवं प्रयास आवश्यक है।
Piracy-free
Assured Quality
Secure Transactions
*COD & Shipping Charges may apply on certain items.