इस संग्रह की कविताएँ स्त्रियों के पक्ष में एक पुकार है। इन कविताओं में उनका संघर्ष दिखाई देता है और उनकी स्मृतियों के चित्र मौजूद हैं। वे सारी स्त्रियाँ मौजूद हैं जो प्रेम भी करती हैं एवं अपना विरोध दर्ज करना भी जानती हैं। गाँव और समाज से जुड़ी कविताएँ हैं जो पुरानी रूढ़ियों और शोषण की ओर इशारा करती हैं। इन कविताओं में एक संवेदनशील मन दिखाई देता है जो गहरे रूप से स्त्री जीवन से प्रभावित है जिसे पढ़ते हुए आप उन मार्मिक दृश्यों तक पहुँचते हैं। इन कविताओं के ज़रिए हम स्त्री जीवन के उस अकुलाहट को महसूस करते हैं जिन्हें समाज अब तक अनदेखा करते आया है।