प्रस्तुत पुस्तक - सुख कहाँ? ढूँढ लिया ठिकाना। सुख से संबंधित मन में उठने वाले सभी प्रश्नों का न केवल युक्ति-युक्त उत्तर देती है वरन् सुख का स्पष्ट मार्ग बताते हुए वर्षों से चली आ रही है इस अवधारणा का परित्याग कराती है कि मानव जीवन दु:खमय है संसार दु:खमय है और रस्किन की आशावादी सोच की पुष्ट करती है कि सुख सर्वत्र विद्यमान है सारा संसार सुखमय है।<br>आपने इस पुस्तक को पढ़ने के लिए चुना है। इससे स्पष्ट है कि आप अपने दु:खी जीवन से छुटकारा पाने के लिए बेताब हैं और सुख का जीवन जीना चाहते हैं। यह पुस्तक आपको दुःखों से छुटकारा दिलाने और सुखी जीवन जीने की चाह को पूरा करेगी। बशर्ते आप इसे ध्यान से पढ़ें समझें और धैर्यपूर्वक पुस्तक के निर्देशों पर चलें तो आपका जीवन शत प्रतिशत सुखी बन सकता है।