यह पुस्तक बताती है कि सफलता पाने में भाग्य वातावरण और परिस्थितियों का नहीं बल्कि लगन कुशलता निरंतर परिश्रम उद्यमशीलता और कर्म के प्रति निष्ठा का बड़ा हाथ है। इस पुस्तक को पढकर आप जैसा बनने की चाह रखते हैं वैसा ही बन सकते हैं। अपने जीवन की दिशा और दशा बदलकर सुखद अनुभव कर सकते हैं।.