जीवन ने जो अनुभव प्राप्त किये हैं उन्हें बांटने का काम करने में हमेशा कविता मेरा साथ देती रही है। इसलिए कविता पर नया कुछ लिऽने के लिए मेरे पास अपनी ही कविता के सिवा अतिरित्तफ़ कुछ नहीं होता है। मेरी कोशिश रही है कि ऐसी कविताएँ लिऽूँ जो मुझे सौंदर्य के करीब ले जा सके मेरे आगे भावना का संसार ऽोल दे मुझे अनंत की यात्र पर साथ ले जाए। इस जुगत में मैं कितना सफल हुआ हूँ यह आप बेहतर जानते हैं। हाँ परंतु जब मैं सातवीं कक्षा मैं पढ़ता था तब से ही मुझमें कविता की उड़ान स्वतः तैयार होती रही है। मैं कविता के पास इसीलिए जाता रहा हूँ कि वहाँ से मुझे सौंदर्य प्राप्त हो सके। वह सौंदर्य जो जीवन से सीधे छनकर आया है। कविता में मुझे आग्रह को अधिक रऽना पसंद है न कि आक्रोश को। अपनी प्रतिनिधि कविताओं के मेरे इस संग्रह की सभी कविताओं में आपको मेरी यह पसंद दिऽाई देगी।