यह लघु पुस्तिका ‘सुनाएँ पंछी अपनी बात’ हमारे पास पड़ोस में अक्सर दिखने वाले दस चुनिन्दा पक्षियों पर दस कविताओं का सचित्र संग्रह है। प्रत्येक कविता को ‘आपबीती’ के रूप में ढाला गया है ताकि बालक बालिकाएँ हर कविता का भरपूर आनंद ले सकें । इन सरल रचनाओं के माध्यम से बच्चे ज्ञान-प्राप्ति तो करेंगे ही साथ ही साथ रोमांचित भी होंगे और प्रकृति के बहुरूपी सौन्दर्य के बारे में और जानने की उनकी जिज्ञासा भी बढ़ेगी। केवल बच्चों को ही नहीं बड़ों को भी यह छोटा सा ‘गुलदस्ता’ अवश्य मनभावन लगेगा ।