कहानी का बच्चों के जीवन से गहरा संबंध होता है। कहानी में किसी घटना को इस तरह प्रस्तुत किया जाता है जिससे पठन में रुचि जाग्रत हो और शिक्षा भी मिले। प्राचीनकाल में शिक्षा भी कहानियों द्वारा दी जाती थी। सुनो-सुनाओ में ए.डब्ल्यू.आई.सी. (AWIC) द्वारा पुरस्कृत ग्यारह कहानियाँ शामिल की गई हैं। कहानियों द्वारा 10 से 14 वर्ष के बालक-बालिकाओं में पठन के प्रति रुचि जाग्रत करने का प्रयास किया गया है। कहानियों की भाषा सरल और सहज होने के कारण बाल जगत में उसका एक अलग स्थान है। सुनो-सुनाओ में ए.डब्ल्यू.आई.सी. (AWIC) द्वारा पुरस्कृत सरल और सहज कहानियों का संकलन किया गया है। इस संकलन में ऐसी कथाओं का चयन किया गया है जिससे आनंदप्राप्ति भाषा-ज्ञान और मानव-मूल्यों का विकास हो। दी गई सभी कहानियाँ रोचक और शिक्षाप्रद हैं। इन कहानियों में मानव मन के भावों को बड़ी सुंदरता से दर्शाया गया है। प्रत्येक कहानी प्रभावपूर्ण प्रस्तुति के कारण बालक-बालिकाओं के मन को मोह लेती है।.