About the Book: हमारे द्वारा लिखी गई यह किताब एक कविता की किताब है | इसे चार चरणों में बाँटा गया है| (प्रथम चरण- प्रेम प्रसंग) प्रेम प्रसंग के अंतर्गत आपको कुछ श्रृंगार रस की कविताएँ मिलेंगी | (द्वितीय चरण- लक्ष्य एवं कर्म प्रसंग) इसमें आपको लक्ष्य एवं कर्म से संबंधित कविताएँ मिलेंगी| (तृतीय चरण- देश प्रेम एवं शौर्य प्रसंग) इसमें आपको देश प्रेम एवं वीरता से संबंधित कविताएँ मिलेंगी| चतुर्थ चरण (प्राकृति एवं सामाजिक प्रसंग) इसमें आपको प्राकृतिक एवं समाज से संबंधित कविताएँ मिलेंगी| About the Author: मेरा नाम आशुतोष प्रताप यदुवंशी है | मेरा जन्म 27 सितंबर 2004 को हुआ था मेरे पिताजी का नाम श्री भरत राम यादव और माता जी का नाम श्रीमती संगीता यादव है | मैं उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के रसोईया नाम के गांव से मिलान करता हूँ मेरा गांव हिंदी के एक प्रसिद्ध साहित्यकार आचार्य रामचंद्र शुक्ल के गांव अगौना के बगल ही पड़ता है | अर्थात हमारा क्षेत्र अगौना ही है | मेरे गांव से अगौना की दूरी 500मी. है| हमें गर्व है कि आचार्य रामचंद्र शुक्ल की जन्मभूमि पर मेरा भी जन्म हुआ है |बचपन से ही मुझे नई-नई चीजों को सीखना अच्छा लगता है | इसीलिए मैं विद्यार्थी होने के साथ ही साथ ग्राफिक डिजाइनरधावक और एक लेखक भी हूँ | मैं इस समय सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी कपिलवस्तु से बी.ए. का विद्यार्थी हूँ| मेरी बी.ए. की पढ़ाई हिंदी संस्कृत और भूगोल विषय से चल रही है | मैं भविष्य में चलकर बहुत बड़े हिंदी साहित्यकार के रूप में अपना पहचान बनाना चाहता हूँ|