रात्रि के लगभग साढे़ आठ बजे का समय भारतीय गुप्तचर संस्था रॉ के चीफ डॉ. हर्षवर्धन मेहरा टी.वी. पर समाचार देखते हुए भोजन कर रहे थे। यह उनका रोज का काम था खाना खाते हुुए टी.वी. पर समाचार देखना। मौसम से सम्बन्धित जानकारी एवम् अन्य समाचार सुनाते हुए अचानक ही समाचार वाचक की उत्तेजना से भरी हुई आवाज आने लगी और वह कहने लगा- ‘आपसे क्षमा चाहते हुए इन समाचारों पर यहीं विराम लगाकर आपको एक अन्य महत्वपूर्ण समाचार की ओर ले चलता हूँ जो अभी-अभी हमारी टीम को प्राप्त हुई है जिसे आप तक पहुँचाना अति आवश्यक है।''