*COD & Shipping Charges may apply on certain items.
Review final details at checkout.
About The Book
Description
Author
रोज की तरह आज भी अपनी बुलेट से समर café में आया था समर का ये रूटीन था कि वो दोपहर का खाना खाकर café में आ जाता था और तब तक रहता था जब तक café बंद ना हो जाये बुलेट पार्किंग में खड़ी करने के बाद समर अपने ही अंदाज़ में चलता हुआ café में आया एक नज़र पूरे café में घुमाई और उसकी नज़र काजल पर जाकर ठहर गई एक पल काजल को देखने के बाद समर अपनी उस सीट की तरफ देखने लगा जहाँ वो रोज़ आकर बैठता था उसकी सीट पर कोई नहीं बैठा था।