''कैलाश तुम्हारी पत्नी है। तुम्हारा कर्तव्य उसके लिए भी होना चाहिए। प्रत्येक संबंध अपनी जगह पर स्थिर रहना चाहिए। प्रत्येक संबंध को प्यार स्नेह और सहृदयता दीजिए जिसका यह अभिलाषी है। विवाहित जीवन में तुम्हें बदलना भी पड़ेगा। तुम्हारी ख़ुशी उसकी ख़ुशी है। उसकी ख़ुशी तुम्हारी ख़ुशी है और यही जीवन है।''