इनका नाम दुगाा प्रसाद बरई है और दुगेश गोपाल के नाम से जलखिे है। जीवन एक नाम के साथ चलिा है और व्यक्ति के कमा के जहसाब से उसे याद जकया जािा है इनका मानना है इनके जपिा के नाम के साथ कोई भी इन्ें पढ़े िो याद करे।इनका ज?? मुम्बई में 2 जनवरी सन 1972 को हुआ। इनके जपिा का नाम गोपाल बरई एवं मािा श्री का नाम बुधना बरई है इनकी धमापत्नी उजमाला बरई धाजमाक प्रवृजि की मजहला है 2 पुत्र रूपी रत्न जमले इस समय यह दुबई में याजत्रयों को मागादशान देिे है यह टरैवल कंपनी में कायारि है बचपन से जिकेट के शौकीन है और इन्ें जलखने में भी आनंद आिा हैये पहले छोटे गाने जलखिे थे जकंिु जलखने में जवशेर्ष ध्यान कोरोना काल के प्रथम चरण में गया और अभी लेखन में मनोयोग देिे हैइनके 2 गाने प्रकाजशि हो चुके है जजनके बोल है िेरी मजहमा और गणपजि मेरे घर आये। ये काफी चचाा में है और कई गाने जलख चुके है उद ा में इनकी जवशेर्ष रुजच है जजसका सीधा प्रमाण इनके शायरी लेखन से लगाया जा सकिा है