आप विगत ढाई दशक से वित्तीय क्षेत्र में एक स्वतंत्र सलाहकार के रूप में आप कई देशी विदेशी संस्थाओं के साथ जुड़े हुए हैं।आपका भरा पूरा परिवार है तथा अन्य सदस्य कई तरह के उद्योगों में लगे हुए हैं। आपकी पहली कविता संग्रहमुक्तकण्ठ JSR की कलम से साहित्यिक क्षेत्र में धूम मचाई हुई है।आपका सपना है कि आप अपनी विधा के माध्यम से सामाज में अपनी मातृभूमि और जन्मभूमि दोनों की पहचान बनाना जागृति फैलाना तथा दोषपूर्ण वातावरण से मुक्ति दिलाने में अपना योगदान देना चाहते है। मुझे भी कहानियां लिखने की प्रेरणा सबसे ज्यादा जो मिली वो कोविड काल मे ही मिलीमनुष्यता के अद्भुत गुण भी देखने को मिलेजब मैंने पलायन करते लोगों को देखा मदद में उठे हाथों को देखादेखा लूटते हुए लोगो को देखा प्राकृतिक बदलावों को महसूस किया रोंगटे खड़े कर देने वाले समाचारों को अपने तक आते देखा इन्ही चित्रों और घटनाओं को शब्दों के माध्यम से पन्नों को उकेरने की कोशिश की।हालांकि उस काल मे अपने भी हालात फाँके मारने वाले ही थे लेकिन वो कहते है ना जाको राखे साईंया मार सके ना कोई।