डॉ० भोजराज द्विवेदी द्वारा लिखित पुस्तक तन्त्र शक्ति और साधना तन्त्र विद्या के चमत्कारी और रहस्यमयी संसार का एक प्रामाणिक परिचय देती है । लेखक ने इस पुस्तक में तन्त्र को एक 'पराविज्ञान' के रूप में प्रस्तुत किया है जहाँ भौतिक विज्ञान की सीमाएँ समाप्त होती हैं ।पुस्तक में तन्त्र की परिभाषा इसके विभिन्न भेदों और पंचमकारों के वास्तविक रहस्यों को विस्तार से समझाया गया है । इसमें 'दश महाविद्या' 'शाबर मंत्र' 'श्मशान साधना' और 'हनुमत साधना' जैसे गूढ़ विषयों पर सारगर्भित जानकारी दी गई है । साथ ही लेखक ने प्रेतात्माओं के अस्तित्व और दीक्षा के महत्व पर भी प्रकाश डाला है । यह पुस्तक आस्तिक और नास्तिक दोनों ही प्रकार के पाठकों के लिए तन्त्र शास्त्र को सरल भाषा में समझने का एक बेहतरीन माध्यम है ।