शायद मनुष्य होने की यह अनिवार्यता है यह नियति है कि मनुष्य टूटे प्रकृति सेऔर फिर से जुड़े।ओशोचीन की रहस्यमयी ताओ परंपरा के उद्गता लाओत्से के वचनों पर ओशो के इन प्रस्तुत प्रवचनों के मुख्य विषय-बिंदु:शक्ति पर कोमलता की विजय के रहस्य।क्या है चरित्र ? क्या है श्रेष्ठ चरित्र ?विश्व-शांति के सूत्र क्या हैं?जगत में सर्वाधिक मूल्यवान क्या है? कैसे वह उपलब्ध हो?