तआ'रुफ़-ए-ज़ीस्त : एक मुलाक़ात ज़िंदगी के साथ शायर अभिकेत वर्मा जी की ग़ज़लों और नज़्मों का पहला संग्रह है जिसमें ज़िन्दगी के कई रंग झलकते हैं. जहाँ प्यार और इश्क़ की जमीं पर लिखे उनके अश'आर उनका दिलकश अंदाज़ बयां करते हैं वहीं आम ज़िन्दगी की तकलीफ़ों और परेशानियों की समझ उन्हें आम लोगों का शायर बनाती है. श्री वर्मा के कुछ कलाम कोरोना महामारी पर लिखे गए हैं जो उस समय की बदहाली और दहशत को बयां करते हैं.