नवनीत पाण्डे मूलतः प्रतिरोध के कवि हैं। उनकी पक्षधरता स्पष्ट है। इस क्रूर समय में वे अपनी बात बहुत बेबाकी और बगैर किसी लाग-लपेट के कहने के लिए कटिबद्ध है यह कटिबद्धता और साफगोई उन्हें अभिधा का कवि बनाती है। इस तरह वे अपने कवि के लिए एक ऽतरा भी मोल लेने से नहीं हिचकते। उनके इस सीधे-सीधे कहन पर सपाट बयानी का आरोप लगाना तो आसान होगा लेकिन साथ ही हमें इन कविताओं में छुपे आक्रोश और तंज से भी बाबस्ता होना होगा। ---निरंजन श्रोत्रिय