प्रख्यात कवि कथाकार और आलोचक जितेन्द्र श्रीवास्तव प्रेम और यथार्थ के विलक्षण गायक हैं।कविताएँ हों या कहानियाँ- वे पाठकों की आत्मा में समा जाते हैं।इस संग्रह की नौ कहानियों में से पाँच कहानियाँ पाठकों के भीतर प्रेम का आवेग अत्यंत तीव्र कर देती हैं। उसे यह दुनिया पहले से अधिक सुंदर और मनभावन लगने लगती है। उसके सोचने का पूरा एंगल बदल जाता है। जीवन की समझ वायवीय नहीं रह जाती।स्त्री-पुरुष सम्बन्धों के प्रति उसका दृष्टिकोण सघन परिपक्व और साहचर्य के नए सौंदर्यशास्त्र के अनुरूप हो जाता है।ये जीवन के ठोस धरातल की कहानियाँ हैं। कहने की आवश्यकता नहीं कि यह संग्रह युवा पाठकों के लिए एक उपहार की तरह है जिसे वे अपने सिरहाने रख सकते हैं और जब उनका दिल धड़के प्रेम और संघर्ष की प्रेरक इबारत पढ़ सकते हैं।