द ग्रेट सुंदर नगर’ नामक लघु उपन्यास पूर्णतः एक काल्पनिक कहानी पर आधारित है और इस उपन्यास का किसी भी व्यक्ति विशेष जगह विशेष समुदाय इत्यादि से किसी भी प्रकार का कोई लेना-देना नहीं है। इस उपन्यास में मानवता के आदर्श मूल्यों को उजागर करने का प्रयत्न किया गया है। इस उपन्यास का मुख्य उद्देश्य नशा मुक्ति तथा शराब बंदी है।इस उपन्यास का दूसरा मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के विकास से संबंधित है। भारत का ग्रामीण समाज व ग्रामीण क्षेत्र भारत की मूल आत्मा के समान हैं। सभी भारतवासियों के जीवन का आधार गाँव ही है। अतः ग्रामीण क्षेत्रों का पूरा-पूरा विकास सुनिश्चित होना चाहिए एवं सभी को जो विकास के लिए उत्तरदायी हैं उन्हें गाँव का संपूर्ण विकास सुनिश्चित करना चाहिए। इस कहानी में अमीरी और गरीबी का मिलन प्रेम-प्रसंग आदि को बड़े ही रोचक ढंग से उतारने का प्रयत्न किया गया है और मुझे उम्मीद है कि पाठकों को यह जरूर पसंद आएगा।