क्या आपने भी बचपन में कभी कोई सपना देखा था जरूर देखा होगा। लेकिन एक बात सोचिए क्या आप आज भी अपने उस सपने को पूरा करने के लिए काम कर रहे हैं या फिर क्या आपका वो सपना पूरा हो गया? ये सवाल अपने आप से पूछिए तो आपको एक सच्चा जवाब मिल जाएगा। मेरी ये किताब आपके उस सपने के बारे में ही है जो आपके अंदर वापस से वो बचपना ला देगी वापस से एक बार आप नई शुरुआत करोगे अपने बचपन के सपने को पूरा करने की। इस किताब में मैंने पाँच दोस्तों की कहानी बताई है जिन्हें जब भी आप पढ़ोगे तो आपको ये कहानियां अपने आप की कहानी; लगेंगी क्योंकि इस किताब में मैंने अपने 6 साल के मार्केटिंग सेल्स और पर्सनल मेंटोर के अनुभव को निकालकर आपके सामने रख दिया है। मैंने हजारों लोगों से बात की है उन्हें समझा है उनकी समस्याओं का समाधान उन्हें दिया है। तो आज एक वादा मुझसे आप जरूर करिये कि आप इस किताब को पूरा पढ़ोगे और आपको इससे जो सीख मिलेगी उसे आप आपने जीवन में जरूर उतारोगे। धन्यवाद!