इस पुस्तक का मुख्य उद्देश्य है पूरे विश्व में तमाम मानव सृष्टि में बहुत ही भयंकर ज्वलंत समस्याओं पर आध्यात्मिक चिंतन किया गया है और पिछले लगभग 32 वर्षों से इस पर आध्यात्मिक अध्ययन करते हुए शोध करते हुए इन तमाम मानवीय समस्याओं जैसे जीवन हेतु प्राथमिकताएं क्या क्या होनी चाहिए पहली प्राथमिकता जीवन हेतु शुद्ध ऑक्सीजन अर्थात जीने हेतु सांस जरूरी है जो हमें मुफ्त में पौधारोपण करने वृक्षारोपण करने से ही प्राप्त होगी और प्रदूषण को मिटाना होगा जिससे हमारी पृथ्वी को ग्लोबल वार्मिंग और ग्रीनहाउस इफैक्ट्स जैसी समस्याओं से बचा जा सके दूसरी प्राथमिकता पानी बचाने की है पानी हमारे जीवन की दूसरी प्राथमिकता है साथ ही अच्छा शुद्ध खाद्य पदार्थों का होना भी जरूरी है और इसके बाद तमाम सारी समस्याओं के समाधान हेतु जो केवल मानव जीवन के लिए जरूरी है वह है भरपूर धन अर्जन करना अर्थात भरपूर धन कमाना जो तमाम सृष्टि में केवल मानव हेतु जरूरी है किसी अन्य जीव को धन कमाने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि मानव के अलावा किसी अन्य जीव को धन की जरूरत नहीं है लेकिन मानव का जीवन धन पर ही केंद्रित है वह आज पूरे विश्व में कर्ज गरीबी बेरोजगारी अल्प रोजगारी जानलेवा घातक लाइलाज बीमारी आत्म हत्याएं अपराध आदि समस्याओं से तमाम मानव सृष्टि जूझ रही है इस दलदल में फंसी हुई है इन सब समस्याओं के समाधान हेतु यह पुस्तक लिखी गई है जो बहुत लंबे आध्यात्मिक अध्ययन और शोध पर आधारित है और मानव जीवन में जागरूकता फैलाने हेतु तथा उन्हें इस समस्या के समाधान हेतु रास्ता बताने हेतु पूर्णतया सक्षम है मैं पूर्ण दावे के साथ कहता हूं अगर इस पुस्तक में वर्णित तथ्यों पर मानव सृष्टि विचार कर ले उस पर अमल करें ले तो निश्चित