तिरंगा एक गवाह राष्ट्रीय भावनाओं से ओतप्रोत कवि का निजी विचार है। जनमानस में सकारात्मक भावना को जागृत करने का प्रयास है। अपनी माटी अपना देश पूरखों की याद वीरों की वीरता माँ का प्यार नारी का सम्मान मजहब की मर्यादा गुरु की महिमा एकता संसकृति अतिथि देवो भव: राष्ट्र प्रेम तकनीक एवं विज्ञान का चमत्कार चन्द्रयान तीन की सफलता विकास से परिवर्तन और विद्वानों की विद्वत्ता को मानस पटल पर चित्रित करने का विचार है। कविता में कवि में भारत के तिरंगा को सम्मान समर्पित करते हुए गवाह व साक्षी के रूप में प्रस्तुत किया है।। जन भावना को आहत ना हो बल्कि राष्ट्र प्रेम सम्मान सुरक्षा से परिपूर्ण विचार पाठक के समक्ष नकारात्मक को छोड़ सकात्मक सोच को बढ़ावा देने का उद्देश्य है।